Sunday, February 14, 2010

पुणे बम विस्फोट पर

इस्लाम के महान विचारक इमाम हज़रत अली इब्ने अबी तालिब (अ.) की ये भविष्यवाणी लोगों को अपनी आँख खोलने के लिए पर्याप्त है :

लोगों पर एक दौर आएगा जब उन् में सिर्फ कुरआन के चिन्ह और इस्लाम का सिर्फ नाम बाक़ी रह जाएगा. उस वक़्त मस्जिदें निर्माण व सज्जा के लिहाज़ से आबाद और हिदायत के एतबार से वीरान होंगी. उन् में ठहरने वाले और उन्हें आबाद करने वाले तमाम ज़मीन पर रहने वालों में सब से बदतर (बुरे) होंगे. वह उपद्रवों का मुख्य स्रोत और गुनाहों का केंद्र होंगे. जो इन उपद्रवों से मुंह मोड़ेगा, उन्हें उन्हीं फ़ितनों की तरफ पलटायेंगे . और जो क़दम पीछे हटाएगा उन्हें धकेल कर उन् की तरफ लायेंगे.
......नहजुल बलागाह, खुतबा न.369

4 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

भैये क्यों अपने लिये फतवे का इंतजाम कर रहे हो?

संजय बेंगाणी said...

दुआ करूँगा अब आपका सर सलामत रहे.

kanizeraza said...

ye "Ali wala sher" hai, darta nahi hai.
ya alimadad, maula ali madad

zeashan zaidi said...

Rightly said Kaniz Ji