सूरैन का हीरो - भाग 35
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भागने वाला और कोई नहीं बल्कि दल्लू ही था। उसकी बगल में गोला दबा हुआ था और वह
बदहवास भागता जा रहा था। और पीछे पीछे था पूरा गाँव।
अभी तक तो सब ठीक चल रहा थ...
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3 comments:
उसने कहा की दीन की तारीख पूरी लिख,
मैंने फ़क़त 'हुसैन' लिखा और कुछ नहीं!
विलादत-ए-बा-सआदत हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) बहुत बहुत मुबारक!
हमज़बान पर प्रभाष जी से संवाद करें.
इस शमा को जलाए रखें।
………….
अथातो सर्प जिज्ञासा।
संसार की सबसे सुंदर आँखें।
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.....
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